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| बैंक में फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना प्रारंभ करना |
| हम सहर्ष सूचित करना चाहते हैं कि 18 अक्तूबर, 2006 को बोर्ड ने जमाकर्ता ग्राहकों के लाभार्थ फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना का अनुमोदन कर दिया है । यह योजना 1 नवम्बर, 2006 से प्रभावी होगी । इस योजना की विशेषताएं निम्नानुसार हैं :- |
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1. उत्पाद एवं लाभ |
| फ्लेक्सी फिक्सड जमा उत्पाद जहां एक तरफ बचत/चालू जमा निधियों के रूप में तरलता उपलब्ध कराता है, वहीं दूसरी तरफ मीयादी जमाराशियों की तरह अधिक लाभ प्रदान करता है । इसके अतिरिक्त, इसमें एक लचीलापन है क्योकि जमाकर्ता ब्याज की हानि उठाए बिना अपनी निधिगत आवश्यकताओं को पूरा कर सकता है तथा जमाकर्ता को जब भी आवश्यकता हो, वह इसमें उपलब्ध व्यवस्था के कारण बचत/चालू खातों में निधियों को अंतरित भी कर सकता है । संक्षेप में, यह योजना जमाकर्ता को अपनी जमाराशियों पर (मीयादी जमा) की तरह जहां लाभ (मुनाफा) दिलाने में समर्थ है । वहीं साथ में बचत/चालू खाते में उपलब्ध चल निधि की विशेषताएं भी प्रदान कराती है । |
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2. पात्रता |
| यह योजना सभी सीबीएस शाखाओं पर उपलब्ध है और इसका लाभ उठाने के लिए ग्राहक को निम्न शर्तें पूर्ण करनी होंगी :- |
| क)फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के अंतर्गत ग्राहक को एक सक्रिय खाता (बचत या चालू) खोलना होगा (यदि पहले से न खुला हो तो) । फ्लेक्सीखाता खोलने का फार्म (एओएफ) पूर्ववत ही रहेगा जैसा कि बचत/चालू खातों के लिए आवश्यक होता है । खाता खोलने हेतु फार्म लेते समय एओएफ पर ही खाते का वर्ग "फ्लेक्सी फिक्सड" मार्क किया जाएगा। जब भी, ऑटो स्वीप के अंतर्गत बचत/चालू खाते से निधियों का अंतरण होगा, ग्राहक को अलग से मीयादी जमा रसीदें जारी करवाने जैसी औपचारिकताओं में नहीं पड़ना होगा । |
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| ख)खाता खोलने के फार्म के अतिरिक्त, एक वचनपत्र (अनुबन्ध - II) तथा राशि के निर्धारित भाग एवं अवधि के अनुरोध पर कार्रवाई करने के लिए नियमों एवं विनियमों की पावती (अनुबन्ध-III) भी ग्राहकों से लेनी होगी (प्रोफार्मे संलग्न हैं) । |
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| इस योजना के अंतर्गत भारतीय निवासी ग्राहक भी खाता खोलने के पात्र होंगे बशर्ते कि वे इन खातों को विशेष श्टणी के तहत बचत/चालू खातों में रखेंगे जैसे एसबी स्मार्टसेव, एसबी स्मार्ट सेव सिल्वर स्कीम, एसबी स्मार्ट सेव गोल्ड या चालू प्रीमियम गोल्ड ं, जो कि 5000/-रुपए से 100000/-रुपए के न्यूनतम त्रैमासिक शेष के औसत पर आधारित है व इसकी विस्तृत जानकारी अनुबन्ध-1 में दी गई है । |
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| घ)फ्लेक्सी फिक्सड जमा खातों को एकल या संयुक्त रूप से खोला जाएगा । |
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| ङ)फ्लेक्सी फिक्सड जमा उत्पाद का लाभ उठाने के लिए स्टाफ, भूतपूर्व-स्टाफ , पेंशनभोगियों व वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना के अधीन खाता रखना होगा । हालांकि, इन वर्गों में खाताधारियों के लिए न्यूनतम शेष की अनिवार्यता पर छूट उपलब्ध नहीं होगी और न्यूनतम शेष न रख पाने पर अर्थदण्ड लागू होगा । |
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| 3. न्यूनतम जमाराशि |
| नए खातों के मामले में, संबंधित श्टणी के अंतर्गत खोले जाने वाले प्रस्तावित खाते के अनुसार ही, प्रारम्भिक जमाराशि पूर्व निर्धारित होगी । किसी मामले में यदि कोई त्रैमासिक शेष की न्यूनतम औसत राशि को बनाए रखने में समर्थ नहीं हो पाता (अनुबन्ध-1) तो बचत/चालू खातों की प्रत्येक श्टणी में दर्शाई गई राशि का अर्थदण्ड खाते में प्रभारित कर दिया जाएगा । |
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| 4. जमाराशि की अवधि |
| इस योजना के अंतर्गत फ्लेक्सीबचत खातों में 90 दिनों से लेकर 5 वर्षों की अवधि के लिए तथा फ्लेक्सीचालू खातों में 15 से 45 दिन की अवधि के लिए जमाराशि स्वीकार की जाएगी । कोई विकल्प न देने पर बचत खातों में 90 दिन तथा चालू खातों में 15 दिन की न्यूनतम अवधि मानी जाएगी । |
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| 5. ब्याज का भुगतान |
| इस योजना में निवेशित राशि पर बैंक द्वारा समय-समय पर घरेलू मीयादी जमाराशियों के लिए निर्धारित दर से ब्याज दिया जाएगा । त्रैमासिक आधार पर साधारण ब्याज दर ही देय होगी परन्तु ब्याज की राशि परिपक्वता पर ही दी जाएगी |
| स्टाफ, भूतपूर्व स्टाफ व वरिष्ठ नागरिक, घरेलू मीयादी जमाआंट पर लागू अतिरिक्त दरों के लिए पात्र होंगे, जो कि वर्तमान में एक प्रतिशत अधिक है । |
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| विद्यमान नियमों के अनुसार 5.00 लाख रुपए तक की एकल जमाराशि होने पर परिक्वता से पूर्व लिए जाने वाले भुगतान पर कोई दण्ड नहीं लगाया जाता है । यदि फ्लेक्सी फिक्सड जमा (जिससे रिवर्स स्वीप होना है) में रखी गई राशि 5.00 लाख रुपए से अधिक है तो परिपक्वता पूर्व अर्थदण्ड का प्रावधान रिवर्स स्वीप की राशि पर लागू होगा । एफ.एफ.डी. की शेष राशि पर सामान्य ब्याज की दर से परिपक्वता तक ब्याज मिलता रहेगा । |
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| 6. ऑटो स्वीप |
| फ्लेक्सी फिक्सड लिंक बचत बैंक/चालू खातों का शेष जब कभी भी न्यूतनम सीमा से ऊपर जाएगा तो इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम राशि से अधिक राशि संलग्न अनुबन्ध -1 के अनुसार एफएफडी खातों की विभिन्न श्टणियों के अनुरूप जमाकर्ता द्वारा खाता खोलते समय आदेशिक अवधि हेतु 5000/-रुपए या 25000/-रुपयों के गुणकों में स्वतः अंतरित हो जाएगी । |
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7. रिवर्स स्वीप (स्वीप आऊट) |
| रिवर्स स्वीप की सुविधा द्वारा जमाकर्ताओं को उनके क्रियाशील खातों अर्थात् बचत/चालू खातों में फ्लेक्सी फिक्सड जमा में पड़ी राशि उनकी आवश्यकतानुसार उपलब्ध होगी । इस प्रकार, जमाकर्ता जब कभी भी चेक जारी करेगा या एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करेगा और उसके संबंधित बचत/चालू खाते का शेष अपर्याप्त है तो रिवर्स स्वीप अपेक्षित राशि को स्वतः ही फ्लेक्सी फिक्सड जमा खाते से आहरित कर लेगा और एफ.एफ.डी. में बची/शेष राशि पर करारबद्ध ब्याज की दर जारी रहेगी । ऐसी परिस्थिति में, फ्लेक्सी फिक्सड से जमाराशि उसके/उसकी/उनके बचत/चालू खाते में एलआईएफओ (लास्ट इन फर्स्ट आऊट) पद्धति द्वारा अंतरित की जाएगी । |
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| तथापि, बचत /चालू खातों में रिवर्स स्वीप द्वारा अंतरित राशि न्यूनतम शेष बनाए रखने की आवश्यकता को भी पूरा करेगी । |
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| 8. जमारसीदों के स्थान पर पासशीट (विवरणी )जारी करना |
| इस योजना के अंतर्गत खाते रखने वाले ग्राहकों को नियमित मीयादी जमा रसीदों की जगह फ्लेक्सी फिक्सड डिपॉजिट पासशीट सुलभ करवाई जाएगी । ग्राहकों के लिए इस विवरणी को तैयार करने एवं प्रेषण के सुव्यवस्थित प्रबन्ध पहले ही कर लिए गए हैं । बैंक की सभी शाखाओं के ग्राहक जो फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के अधीन खाता रखेंगे, उन्हें सीओपीईसी,सिकन्दराबाद द्वारा पासशीट जारी की जाएगी |
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| 9. ऋण पर रोक |
| फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के अंतर्गत जमाराशि पर ओडी या किसी अन्य प्रकार के ऋण की अनुमति नहीं है । |
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10.सॉप्टवेयर प्रणाली समर्थन |
| सीबीएस परिवेश के अंतर्गत कार्य कर रही सभी शाखाओं में स्थापित सॉप्टवेयर प्रणाली फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के रखरखाव व परिचालन में समर्थ हैं ।इस योजना के उद्धरण व सिस्टम के अन्य ब्यौरों के लिए कृपया इस परिपत्र का अनुबन्ध-V देखें । |
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| 11.मौजूदा जमाकर्ताओं को नोटिस |
| प्रस्तावित फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के 1.11.2006 से लागू होने के साथ ही भविष्य में होने वाली ऑटो स्वीप व रिवर्स स्वीप पर उपर्युक्त नियम व शर्तें प्रभावी होंगी । तदनुसार, ईजीटीबी शाखाओं के पहले से फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना का लाभ उठा रहे मौजूदा ग्राहक खाताधारियों को पृथक रूप से पत्र लिखकर योजना के उक्त संशोधनों से अवगत कराया जाएगा । तथापि, जब ऑटो स्वीप और रिवर्स स्वीप की राशियां संशोधित होंगी, तब न्यूनतम औसत त्रैमासिक शेष को बनाए रखने के लिए इन ग्राहकों को 30 दिनों का समय दिया जाएगा । दूसरे शब्दों में न्यूनतम औसत त्रैमासिक शेष न रख पाने पर अर्थदण्ड दिसम्बर, 2006 से लागू होगा । |
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| 12. योजना का प्रचार तथा लागू करना |
| चूंकि, अब 932 शाखाओं के माध्यम से बैंक का कुल 90.38 प्रतिशत कारोबार पहले से ही सीबीएस परिवेश में आ चुका है, अतएव फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना प्रारंभ करने पर बड़ी संख्या में ग्राहकों को लाभ मिलेगा । तथापि, आज के प्रतिस्पर्धात्मक कारोबारी वातावरण में संभावित ग्राहकों के समक्ष नई फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना पेश करके और रिटेल बैंकिंग पर जोर देकर शाखाओं के ग्राहक आधार को अत्यधिक बल मिलने की आशा है । |
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| अतएव, सभी फील्ड अधिकारी इस योजना का पर्याप्त प्रचार करें और इस प्रकार से अथक प्रयास करें ताकि शाखाओं में रिटेल ग्राहक के आधार को बढाने का प्रमुख उद्देश्य पूर्ण हो सके । |
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| महाप्रबन्धक (यो.एवं वि.) |
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| संलग्नक : अनुबन्ध-1, II, III, IV एवं V |
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अनुबन्ध - I |
| फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना |
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| सीबीएस कोड सहित सक्रिय खाते |
प्रारंभिक जमा की आवश्यकता/ न्यूनतम औसत तिमाही शेष |
न्यूनतम औसत तिमाही शेष न रख पाने पर अर्थदण्ड (प्रति तिमाही) @ |
ऑटो स्वीप इकाई (स्वीप-इन) |
रिवर्स स्वीप इकाई (स्वीप-आउट) |
एफ.एफ.डी. की अवधि |
| एसबी स्मार्ट सेव - कोड एसबी 211 |
5000/-रुपए |
150/-रुपए |
5000/-रुपए |
1000/-रुपए |
90 दिन से
5 वर्षों तक
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सेविंग स्मार्ट सेव सिल्वर योजना
कोड एसबी 210
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20000/-रुपए |
300/-रुपए |
5000/-रुपए |
1000/-रुपए |
90 दिन से
5 वर्षों तक
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सेविंग स्मार्ट सेव गोल्ड योजना
कोड एसबी 209
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50000/-रुपए |
450/-रुपए |
5000/-रुपए |
1000/-रुपए |
90 दिन से
5 वर्षों तक
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चालू खाता प्रीमियम गोल्ड योजना
कोड सीए 109
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100000/-रुपए |
1000/-रुपए |
25000/-रुपए |
25000/-रुपए
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15 दिन से
45 दिन
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| लिंक सेविंग स्मार्ट सेव खाते में 10000/-रुपए के विनिर्दिष्ट स्तर के बाद ही ऑटो स्वीप होगा अर्थात् 15000/-रुपए या अधिक का शेष होने पर ही प्रणाली 5000/-रुपए के गुणात्मक में ऑटो स्वीप करेंगी । तथापि, यदि न्यूनतम औसत तिमाही शेष 5000/-रुपए से कमह ाटता है तभी न्यूनतम शेष पर लगने वाला दण्ड लागू होगा । |
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| @ यथालागू सेवा कर अलग से |
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| अनुबन्ध - II |
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ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स |
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(भारत सरकार का उपक्रम) |
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शाखा : ___________________ |
| फ्लेक्सी फिक्सड जमा - वचन पत |
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| विषय : फ्लेक्सी फिक्सड जमा (एफएफडी) खाते हेतु मेरा/हमारा आवेदन |
- मैं/हम _________________________योजना के अंतर्गत सक्रिय खाता खोलने तथा इस खाते के माध्यम से एफ.एफ.डी. योजना के तहत लेनदेन करने के लिए बैंक को प्राधिकृत करता हूं/करते हैं ।
- मैं/हम अपने वर्तमान स्मार्ट बचत/स्मार्ट सेव सिल्वर / स्मार्ट सेव गोल्ड /चालू खाता प्रीमियम स्वर्ण खाता संख्या_____________ के माध्यम से एफ.एफ.डी. योजना के तहत सभी प्रकार के लेनदेन करने हेतु बैंक को प्राधिकृत करता हूं/करते हैं ।
- मैं/हम अपने सक्रिय खाते में, योजना में निर्धारित न्यूनतम औसत तिमाही शेष बनाए रखने या समय-समय पर बैंक द्वारा निर्धारित तिमाही शेष बनाए रखने का वचन देता हूं/देते हैं व ऐसा न कर पाने पर, मैं/हम वचन देता हूं/देते हैं कि किसी प्रकार की वित्तीय/मान-हानि के लिए, जो कि योजना के तहत, मुझे/हमें पूर्व सूचना दिए बिना मेरे/हमारे द्वारा आहरित चेकों के अस्वीकृत होने की अप्रिय घटना घटित होने पर हो सकती है, बैंक को उत्तरदायी नहीं ठहराऊंगा/ठहराएंगे ।
- मैं/हम एफ.एफ.डी. योजना के तहत निर्धारित न्यूतनम शेष से अधिक शेष होने पर, कम से कम 90 दिनों/15 दिनों/ ______________महीनों/ ____________वर्षों के लिए 5000/-रुपए, 25000/-रुपए के गुणकों में मेरे/हमारे नाम/नामों पर सावधि जमाएं खोलने के लिए बैंक को प्राधिकृत करता हूं/करते हैं ।
- सक्रिय खाते में निर्धारित न्यूनतम से शेष कम होने या अति आहरण की स्थिति में, बैंक अपने विवेक से जैसा उचित समझे प्रभार लगा सकता है । यदि खाता 2 या अधिक बार न्यूनतम शेष से कम होता है तो बैंक मुझे/हमें बिना बताए सक्रिय खाता बंद कर सकता है ।
- मैं/हम, मेरे/हमारे द्वारा आहरित चेकों को स्वीकृत करने की स्थिति में, मेरे/हमारे सक्रिय खाते में डेबिट शेष की सीमा तक (1000/-रुपए या 25000/-रुपए के निकटतम गुणकों तक) तथा खाते में न्यूनतम शेष बनाए रखने की जरूरत को पूरा करने के लिए, बैंक को प्राधिकृत करता हूं/करते हैं कि वह लीफो (लास्ट इन फर्स्ट आउट) प्रक्रिया का प्रयोग करते हुए मेरी/हमारी सावधि जमाओं को बंद कर सकता है ।
- मैं/हम यह समझता हूं/समझते हैं कि योजना के तहत बनाई गई जमाओं के लिए योजना के अंतर्गत कोई टीडीआर/पावती नहीं दी जाएगी ।
- मैं/हम अधोहस्ताक्षरी को प्रदान की गई किसी भी प्रकार की बैंकिंग सुविधाओं हेतु तथा/या बैंक को देय बकाया की वसूली हेतु मेरी/हमारी जमाओं पर ग्रहणाधिकार लागू करने हेतु बैंक को प्राधिकृत करता हूं/करते हैं ।
- जमाराशियों के पुनर्निधारण के स्पष्ट अनुदेशों के अभाव में, आगामी नोटिस तक उसी अवधि के लिए जमा/जमाओं की आवर्ती हेतु बैंक प्राधिकृत होगा ।
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| नाम __________________________ |
| खाता संख्याः बचत/चालू खाता_________ हस्ताक्षर __________________________ |
| दिनांक _________________________ |
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अनुबन्ध - III |
| फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना हेतु नियम और विनियम |
- फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना वह उत्पाद/योजना है जहां प्रारंभिक सीमा से अधिक धन होते ही राशि सक्रिय खाते (बचत या चालू खाता) से स्वतः अंतरित (ऑटो स्वीप) हो जाती है तथा बैंक की साविध जमा योजना में निवेशित हो जाती है । सावधि जमा सक्रिय खाते से जुड़ीहोती है । जारी किए गए चेकों, एटीएम आहरणों, इत्यादि के कारण राशि में आई कमी को पूरा करने के लिए जुड़ी हुई सावधि जमा स्वतः ही टूट जाती है ।(रिवर्स स्वीप)
- बैंक के नियमानुसार खाताधारी/खाताधारियों को न्यूतनतम तिमाही औसत शेष बनाकर रखना होगा ।
- ऑटो स्वीप 5000/25000 रूपए के गुणकों, जैसा भी लागू हो, में होगा ।
- रिवर्स स्वीप 1000/25000 रुपए के गुणकों, जैसा लागू हो, में होगा ।
- भारतीय मूल के निवासियों हेतु ही यह योजना लागू है ।
- सामान्य बचत/चालू खातों के लेनदेन किए जा सकते हैं ।
- समय-समय पर जारी बैंक नियमानुसार संबद्ध बचत खातों या चालू खातों में न्यूनतम औसत तिमाही शेष बनाए न रख पाने पर प्रंित तिमाही की दर से प्रभार लगाया जाएगा ।
- सम्बद्ध एफ.डी.डी. स्वतः नवीकृत हो जाएगी ।
- योजना के अंतर्गत खुले संबद्ध जमाओं की चूक अवधि बचत खाते में 90 दिन तथा चालू खाते में 15 दिन या खाताधारी/खाताधारियों द्वारा निर्धारित कोई अन्य अवधि, जो भी उच्च हो, होगी ।
- घरेलू मीयादी जमाओं हेतु समय-समय पर बैंक द्वारा संशोधित ब्याज की दरें ही इन जमाओं पर लागू होंगी ।
- नवीकरण के लिए देय जमाओं को आगमी 90/15 दिनों की अगली अवधि हेतु या स्वतः नवीकरण योजना के तहत खाताधारी/खाताधारियों द्वारा निर्धारित अवधि ( जो भी अधिक हो) हेतु नवीकृत किया जाएगा । संबंधित अवधि हेतु इस प्रकार के नवीकरण पर उस समय बैंक की जमाओं पर लागू दरों के अनुरूप ही इस प्रकार की जमाओं पर ब्याज देय होगा ।
- खाताधारी/खाताधारियों को जब तक कोई विपरीत अनुदेश प्राप्त नहीं होते तब तक, जहां कहीं भी लागु हो, वहां स्रोत पर कर काटे जाने की शर्त पर 5000/-रुपए /25000/-रुपए के गुणकों में बैंक जमाओटं का नवीकरण होगा ।
- ऑटो स्वीप या स्वतः नवीकरण सुविधा के अंतर्गत बैंक द्वारा बनाई गई सभी सावधि जमाओं को फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के तहत स्वतः ही सक्रिय खाते से संबद्ध करने के लिए बैंक प्राधिकृत है । यदि खाताधारी अन्य कहीं खुली किसी जमा के साथ इसे संबद्ध करना चाहता है/चाहते हैं तो वे इस उद्देश्य के लिए अलग अनुदेश देंगे ।
- बैंक, इस योजना के अंतर्गत खोले गए /नवीकृत सावधि जमारसीदों की बजाय समय-समय पर पासशीट जारी करेगा ।
- फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के अंतर्गत बनाई गई साविध जमाओं की प्रतिभूति के विरुद्ध बैंक कोई ओवरड्राप्€ट /ऋण नहीं देगा ।
- योजना के अंतर्गत सावधि जमाएं 5000/-रुपए/25000/-रुपए प्रति इकाई के हिसाब से होंगी ।
- खाताधारक द्वारा लिंक्ड सक्रिय खाते पर चाहे चैक जारी किया गया हो या बैंक/एटीएम से निकासी की गयी हो , खाताधारक से ड़्यूस की वसूली के लिए नार्मल कोर्स में ही ड़ेबिट प्रविष्टि पास कर दी जाती है क्योंकि रिवर्स स्वीप के अंतर्गत खाते में कम राशि के बावजूद चेकों / डेबिटों / एटीएम निकासियों को सकारने के लिए बैंक प्राधिकृत होता है बशर्ते कि यह न्यूनता खाताधारक के बैंक में कुल जमाराशियों के जोड़ से कम न हो । इस योजना के अंतर्गत न्यूनता की पूर्ति के लिए डिपोजिटों को परिपक्वता पूर्व या अन्यथा होने पर भी 1000/-रु0 या 25000/-रु0 (जैसा भी लागू हो) के गुणकों में वसूल कर लिया जाता है । इस योजना के अंतर्गत किसी खाताधारक के यदि एक से अधिक डिपाजिट हैं तो योजना के अंतर्गत रखे गए अंतिम डिपाजिट को पहले इस्तेमाल में लाया जाएगा (LIFO) ताकि न्यूनता की पूर्ति की जा सके । अपर्याप्ता यदि फिर भी बनी रहती है तो अंतिम डिपाजिट से तत्काल पहले बने डिपाजिट को इस्तेमाल में लाया जाएगा आाठर जब तक न्यूनता की पूर्णतया पूर्ति नहीं हो जाती , डिपोजिटों का इस्तेमाल जारी रहता है ।
- फ्लेक्सी फिक्सड जमा योजना के अंतर्गत संबद्ध सावधि जमा बिना शर्त बैंक के ग्रहणाधिकार में रहेगी तथा बैंक के देय बकाया की वसूली हेतु बैंक को अधिकार होगा । इस उद्देश्य हेतु, दण्डस्वरूप ब्याज की दर लागू करते हुए बैंक अपने विवेकाधिकार से जमा को समयपूर्व बंद करा सकता है । बैंक ग्रहणाधिकार को बचत/चालू खाते पर आहरित चेक को अदा करने पर प्राथमिकता दी जाएगी ।
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| नाम __________________________ |
| खाता संख्याः बचत/चालू खाता_________ हस्ताक्षर __________________________ |
| दिनांक _________________________ |
| नोट : खाताधारी को निवास स्थान में किसी प्रकार के परिवर्तन की लिखित सूचना बैंक को देनी चाहिए । उपरोक्त नियम एवं शर्तें बिना पूर्व सूचना के परिवर्तित /संशोधित की जा सकती हैं । |
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| अनुबन्ध - IV |
| ऑटो स्वीप (स्वीप इन) के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं/विकल |
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- ऑटो-क्रेडिट अवधि - जिस अवधि हतु एफ.एफ.डी. बनाई जाएगी उसे ही ऑटो क्रेडिट अवधि कहा जाएगा । यह बाई डिफाल्ट भी हो सकते हैं अथवा जमाकर्ता द्वारा विकल्प दिए जाने पर । बाई डिफाल्ट द्वारा यह बचत खातों में 90 दिन की तथा चालू खाते में 15 दिन की है ।
- ऑटो क्रेडिट बारंबारता - दिन समाप्त करने के परिचालनों के दौरान एफ.एफ.डी. बनाने की बारंबारता का प्रयास अर्थात् दैनिक, साप्ताहिक आदि । वर्तमान में डिफाल्ट सेट अप दैनिक रूप से है ।
- अगली ऑटो क्रेडिट तिथि - अगली तिथि जिस पर ऑटो क्रेडिट का प्रयास किया जाएगा, वह सक्रिय खाते में स्पष्ट शेष जमाराशि पर निर्भर करेगा ।
- ऑपरेटिव खाते में न्यूनतम शेष राशि - यह अद्यतन ऑटो क्रेडिट बारंबारता पर निर्भर करेगा और यह सक्रिय खाते की योजना स्तर में उल्लिखित न्यूनतम शेष राशि से कम नहीं होनी चाहिए ।
- बहुविधि राशियों का आगमन - यह "गुणकों" में वह राशि है जिसके लिए एफ.डी.डी. बनाया गया है । दिन की समाप्ति पर तथा ग्राहक द्वारा दिए गए ऑटो क्रेडिट बारंबारता विकल्प पर भी सक्रिय खाते में क्रेडिट शेषराशि से अधिक है, जैसा कि एकाउन्ट लेवल में विनिर्दिष्ट है, सिस्टम स्वतः ही योजना के अंतर्गत यथानुसार मामले में 5000/-रुपए अथवा 25000/-रुपए के गुणकों में मीयादी जमाराशि खोल देता है ।
- स्वीप को रोकने हेतु विकल्प - किसी एफ.एफ.डी. सक्रिय खाते में, जहां क्रेडिट राशि एफएफडी के प्रति स्वीप-इन करने के लिए अर्ह हो जाते हैं तथा किसी भी कारण से ग्राहक बैंक को अनुरोध करता है कि राशि को स्वीप न करें तो इस्टंा स्वीकार किया जाए । इसे एसीएम विकल्प के माध्यम से एफएफडी विवरण क्रीन में "अगली ऑटो क्रेडिट तिथि" में उपयुक्त रूप से संशोधन से किएजा सकते हैं ।
- ऑटो नवीकरण सुविधा : एफएफडी के अंतर्गत बनाए गए एफएफडी , जिसमें क्रेडिट श्टाष राशि है, परिपक्वता पर स्वतः ही नवीकृत हो जाते हैं । डिफाल्ट द्वारा स्कीम स्तर पर यथा विनिर्दिष्ट अवधि हेतु सिस्टम द्वारा एफडीडी अथवा ग्राहक द्वारा संशोधन का विकल्प देने पर स्वतः ही नवीकृत हो जाते हैं ।
- ऑटो नवीकरण अवधि - योजना के अंतर्गत , इसी अवधि के लिए एफएफडी का नवीकरण किया जाता है । नवीकरण के अनुदेश न दिए जाने पर, नवीकरण उसी अवधि पर आवर्तित होते हैं । योजना के अंतर्गत खोले गए एफएफडी डिफाल्ट एकाउण्ट स्तर पर यथा विनिर्दिष्ट स्वतः ही सिस्टम से आगे की अवधि पर नवीकृत हो जाते हैं और इसे "ऑटो क्रेडिट अवधि" के रूप में लिया जाता है ।
- ऑटो नवीकरण अनुदेश के विकल्प को संशोधित करना - ऑटो नवीकरण अनुदेश को निरस्त करने हेतु ग्राहक के अनुरोध को स्वीकारा जा सकता हैं । इसे संबंधित एफएफडी खाते के "ऑटो नवीकरण" के प्€लेग को "एन" के रूप में संशोधित करके दिया जा सकता है ।
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| रिवर्स स्वीप (स्वीप आऊट) के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण परिभाषाएं /विकल्प |
- टीओडी का स्वतः निर्माण : सक्रियखातेमेंडेबिटलेनदेनकीपोस्टिंगकरतेसमय , यदि उपलब्ध शेष राशि अपर्याप्त है तो , सिस्टम स्वतः ही टीओडी की (नियमाकूल दिन "उसी दिन" को) शेष राशि की कमी तक की सीमा तक अनुमति देता है बशर्ते कि यह राशि उपलब्ध हो (दिन की समाप्ति पर एफएफडी से टीओडी को समायोजित किया जाएगा)
- एफडीडी राशि का काटना (कार्विंग करना ) : टीओडी स्वतः निर्मित होने के पश्चात सक्रिय खाते में अनुमत्य टीओडी की सीमा तक, प्रणाली स्वतः ही एफएफडी खाते में उपलब्ध राशि को कम कर देती है ।
- टीओडी तथा आऊटप्€लो गुणकों को नियमित करना - ईओडी के दौरान, एएफएडीओ को पूर्णतया अथवा अंशतः निरस्त किएजाएंगे जो 1000/-रुपए अथवा 25000/-रुपए के गुणकों (योजना में यथावर्णित विवरण) में होंगे जो लास्ट इन फर्स्ट आऊट प्रक्रिया (एलआईएफओ) से होंगे तथा सक्रिय खाते में निर्मित टीओडी स्वतः ही संबंधित एफडीडी (रिवर्स स्वीप) को डेबिट करके नियमित होंगे ।
- गुणक राशियों का आऊट प्€लो : यह 1000/-रुपए अथवा 25000/-रुपए के गुणकों वाली वह राशि है जिसमें रिवर्स स्वीप के दौरान एफएफडी सक्रिय खाते में अंतरित हो जाती है ।
- रिवर्स स्वीप को जारी न रखने का विकल्प : जहां ग्राहक द्वारा बैंक को रिवर्स स्वीप को जारी न रखने का अनुरोध किया जाता है तो इसे स्वीकार कर लेना चाहिए । इसे एसीएम विकल्प के अंतर्गत "एन" के रूप में स्वतः डेबिट प्€लेग से पुनः सैट किया जा सकता है । इस प्रकार जमाकर्ता द्वारा दिए गए विकल्प से एफएफडी में उपलब्ध राशि आनुपातिक रूप से कम हो जाएगी या शून्य हो जाएगी ।
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| अनुबन्ध - V |
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खाता खोलने की प्रक्रिया |
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| सीबीएस के अंतर्गत फ्लेक्सी फिक्सड जमा (एफएफडी) योजना |
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| फलेक्सी फिक्स जमा केवल निम्नलिखित सक्रिय खातों से सम्बद्ध होंगे :- |
- सीए 109 चालू खाता गोल्ड : इ- स योजना के अंतर्गत औसतन नयूनतम त्रैमासिक शेष राशि 1,00,000/-रुपए होनी चाहिए तथा एफ.एफ.डी योजना टीडी 379 से सम्बद्ध होगी । सिस्टम द्वारा निर्मित जमाराशि 25,000/-रुपए के गुणकों में होगी । सिस्टम द्वारा 25000/-रुपए के गुणकों में जमाराशि को विघटित (रिवर्स स्वीप) (एक यूनिट) कर दिया जाएगा । जमाराशि को न्यूनतम 15 दिनें एवं अधिकतम 45 दिनों के लिए ऑटो रिन्युअल सुविधा सहित निर्मित किया जाएगा ।
- एसबी 209 एसबी खाता गोल्ड : इ- स योजना के अंतर्गत औसतन त्रैमासिक शेष राशि 50000/-रुपए है तथा एफएफडी योजना टीडी 378 से सम्बद्ध है । सिस्टम द्वारा 5000/-रुपए के गुणकों में जमाराशि निर्मित कीजाती है । सिस्टम द्वारा जमाराशि का विघटन (रिवर्स स्वीप) 1000/-रुपए के गुणक ( एक यूनिट) में किया जाएगा । जमाराशि का निर्माण 90 दिनों की न्यूनतम तथा अधिकतम 5 वर्षों की ऑटो रिन्युअल सुविधा सहित किए जा सकते हा ।
- एसबी 210 एसबी खाता स्मार्ट सिल्वर : इ- स योजना के अंतर्गत न्यूतनम त्रैमासिक शेश राशि 20000/-रुपए अपेक्षित है तथा एफएफडी योजना टीडी 377 से संबंद्ध होगी । सिस्टम द्वारा निर्मित जमाराशि 5000/-रुपए के गुणक में होगी । सिस्टम जमाराशि को 1000/-रुपए (एक यूनिट) में विघटित (रिवर्स स्वीप) करेगा । जमाराशि को न्यूनतम 90 दिनों एवं अधिकतम 5 वर्षों के लिए ऑटो रिन्युअल सुविधा हेतु निर्मित किया जाएगा ।
- एसबी 211 स्मार्ट सेव - न्यूनतम औसतन त्रैमासिक शेष राशि का निर्धारण योजना के अंतर्गत 5000/-रुपए से खाता खोला जा सकता है तथा एफडीडी योजना टीडी 376 से सम्बद्ध है । 10000/-रुपए के कट-आफ स्तर के पश्चात स्वीप इ- न होंगे अर्थात् यदि खाते में शेष राशि 15000/-रुपए है तो सिस्टम द्वारा 5000/-रुपए की राशि का ऑटो स्वीप किया जाएगा । सिस्टम द्वारा 1000/-रुपए के गुणक में (एक यूनिट) विघटित किया जाएगा (रिवर्स स्वीप) । जमाराशि को ऑटो रिन्युअल सुविधा सहित न्यूनतम 90 दिन एवं अधिकतम 5 वर्षो के लिए निर्मित किया जाएगा ।
- मौजूदा खातों के लिए एफएफडी सुविधा हेतु ग्राहक द्वारा प्रस्ताव किए जाने के मामलों पर शाखा यह सुनिश्चित करेंगी कि सक्रिय खाता केवल निम्नलिखित के लिए खोले जाएंगे । यदि सक्रिय खाता किसी अन्य योजना के लिए है तो :-
- खाते का अंतरण उपयुक्त योजना में मीनू ऑप्शन AC FRSC का प्रयोग किया जाए ।
- ऑप्शन एसीएम का प्रयोग प्रकार्य "एम" में करें सब ऑप्शन 4 संशोधन करें -- उपयुक्त एफडीडी योजना में जोड़े ।
- सिस्टम से स्वीप आउट मल्टीपल तथा स्वीप आउट बैलेंस ऑटो पापुलेट होने दें तथा इ- से बदला न जाए ।
- स्वीप आऊट डिपाजिट अवधि भी ऑटो पापुलेट से न्यूनतम होगी जिसे स्वीप के पैरामीटर में परिभाशित किया गया है । इ- सेग्राहककेअनुरोधपरसंशोधितकियाजासकताहैतथायह 5 वर्षों से अधिक नहीं हो सकते ।
- स्वीप आऊट डिपाजिट अवधि भी ऑटो पापुलेट से न्यूनतम होगी जिसे स्वीप के पैरामीटर में परिभाशित किया गया है । इ- सेग्राहककेअनुरोधपरसंशोधितकियाजासकताहैतथायह 5 वर्षों से अधिक नहीं हो सकते ।
- यदि स्टाफ/भूतपर्वू स्टाफ अथवा वरिष्ठ नागरिक इ- स सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं तो वे उपर्युक्तानुसार अपने सक्रिय खातों को अंतरित करके अथवा खाता खोलकर कर सकते हैं ।
- प्रयोक्ता उपयुक्त ब्याज दर टेबल कोड का चयन कर सकते हा जो ग्राहक को लागू है अर्थात् TDAGN, TDSRC या TDSFF
- नए खाते के मामले में सब ऑप्शन "जे" का प्रयोग उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार एफडीडी के विवरण डालने हेतु किया जाए ।
- CSOLOP में एक बैच जॉब की स्थापना की गई है जिसके जरिए सिस्टम द्वारा एफडीडी (मीयादी जमाराशि) खाता स्वतः ही खोला जाएगा। प्रयोक्ता द्वारा मैन्युअली एफएफडी (मीयादी जमाराशि) खाता खोलने की आवश्यकता नहीं है । सक्रिय खाते में ग्राहक के खाते की शेष राशि दर्शायी जाएगी तथा इ- सके साथ-साथ उपलब्ध शेष राशि (यह सक्रिय खाता + एफएफडी की शेष राशि होगी)यथा ; ACCBAL,TM,ICTM आदि ।खाते का विवरण ACM - Sub option 5 में देखा जा सकता है। इ- समें एफएफडी खाते से सम्बद्ध सक्रिय खाता ही दर्शाया जाएगा।
- जब भी प्रयोक्ता द्वारा सक्रिय खाते से संबंद्ध एफएफडी को डेबिट किया जाता है एफएफडी खाते की शेष राशि सिस्टम द्वारा इ- से अद्यतन किया जाएगा और बिना किसी प्राधिकरण के स्वतः ही ओवरड्राफ्ट किया जा सकेगा । CSOLOP में एक बैच जॉब स्थापित की गई है जो स्वतः ही, जिसके लिए सक्रिय खाता खोला गया है, जमाराशि को विघटित करेगा तथा डेबिट शेष + न्यूनतम शेष कापरिकलन करके राशि का अंतरण करेंगे जो कि योजना के अनुसार होगा ।
- किसी भी एफएफडी की रसीद छापी नहीं जाएगी । ग्राहक आईडी अथवा सक्रिय खाता से इसके विवरण ऑप्शन FFDPSP के जरिए प्राप्त किया जा सकते हैं । ऑप्शन CUSTBALP का प्रयोग करके शेष राशि का प्रमाण ग्राहक को दिए जा सकता हैं ।
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