2nd OPTION PENSION RELATED APPLICATION FORMS    |    पेंशन विकल्प    |    ओरियन्टल 1000 - योजना    |    जून,2010 को समाप्त तिमाही के वित्तीय परिणाम    |    Salient Features of Currency Note as circulated by RBI    |    पीएलआर के स्थान पर आधार दर प्रणाली (बेस रेट सिस्टम) लागू करने के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों का अनुसरण करते हुए बैक ने 01.07.2010 से बेस रेट 8.00% वार्षिक नियत की है। तदनुसार 01.07.2010 से सभी नए ऋण बेस रेट से संबद्ध होंगे ।     |    नेट वर्किंग अलर्ट    |    साइबर अपराधों पर परामर्श    |    बैंक की एटीएम के जरिए चेक का भुगतान रोकने तथा चेक संबंधी पूछताछ करने की कार्यविधि    |    बैंक की वित्तीय समावैशन नीति    |    बैक द्वारा मोबाइल बैंकिंग सेवाओं का प्रारंभ.कृपया रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी शाखा से संपर्क करें या नजदीकी एटीएम पर जाएं.    |    उन्नति जमा योजना    |    144 प्राधिकृत ओल्टास शाखाएं    |    कुछ बैंकों द्वारा जाली वेबसाइट (फिशिंग अटैक) के बारे में रिपोर्ट किया गया है . जाली वेबसाइट (फिशिंग ) के प्रयासों से सावधान. विस्तृत जानकारी के लिए यहां क्लिक करें 

होम >> सेवाएँ >> अनिवासी भारतीय सेवाएँ  >> >> खातों का प्रकार  >> >> अनिवासी सामान्य

 .

अनिवासी सामान्य
 
अनिवासी बाह्य खाता (एनआरई)
ये खाते विदेश से राशि भेजकर/वर्तमान एनआरई खातों से/एफसीएनआर खातों से अंतरण द्वारा/विदेशी मुद्रा जमा करके/भारत में यात्रा के दौरान खोले जा सकते हैं । सभी प्रकार के खाते जैसे चालू, बचत, मीयादी खाते अन्य अनिवासी भारतीय के साथ संयुक्त रूप से खोले जा सकते हैं । निवासियों के साथ संयुक्त खाते खोलने की भी अनुमति है ।
 
अनिवासी भारतीय स्थानीय भुगतान के लिए अपने एनआरई खातों का संचालन करने हेतु मुख्तार नामा/प्राधिकार पत्र के जरिए निवासियों को नियुक्त कर सकते हैं । विभिन्न व्यक्तियों के एनआरई खातों में वास्तविक/व्यक्तिगत प्रयोजनों के लिए निधियों का अंतरण अनुमत्य है । एनआरई खातों से निर्यात का भुगतान भी किया जा सकता है । स्थानीय भुगतान के लिए आहरण भी किया जा सकता है । मीयादी जमाराशियों के लिए वायदा दर भी उपलब्ध है । मीयादी जमाराशियों पर ग्राहक के अनुरोध के अनुसार ब्याज का भुगतान परिपक्वता अथवा तिमाही अंतराल पर किया जाता है । जमाराशियों की जमानत पर ऋण की सुविधा उपलब्ध है । नामांकन सुविधा भी उपलब्ध है । किसी भी परिवर्तनीय करेंसी में ब्याज सहित शेष राशि का प्रत्यावर्तन किया जा सकता है ।
 
कर लाभ
इन खातों पर अर्जित ब्याज भारत में आयकर से मुक्त है ।
 
अनिवासी सामान्य खाता (एनआरओ)
जब भारत में रहने वाला कोई व्यक्ति अनिवासी भारतीय बन जाता है तो उसके सभी वर्तमान घरेलू खाते एनआरओ खाते हो जाते हैं । एनआरओ खाते विदेश से राशि भेजकर भी खोले जा सकते हैं जिसमें खाता धारक ने रुपये में वैध देय राशि भी कराई जा सकती है । भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति के बिना निधियों का प्रत्यावर्तन नहीं किया जा सकता।
 
एनआरओ खाते निवासी भारतीयों के साथ संयुक्त रूप में खोले जा सकते हैं । इससे अर्जित ब्याज की राशि पर स्रोत पर कर की कटौती की जाएगी । सभी प्रकार के खाते जैसे कि चालू, बचत और मीयादी जमा खाते खोले जा सकते हैं । आवेदन किए जाने पर खाते पर अर्जित ब्याज की संपूर्ण राशि (कर की राशि घटाकर) का प्रत्यावर्तन किया जा सकता है । नामांकन सुविधा उपलब्ध है।
 
एनआरओ खाते गैर भारतीय मूल के व्यक्तियों द्वारा भी खोले जा सकते हैं (बांग्ला देश/पाकिस्तान की राष्ट्रीयता/स्वामित्व व्यक्तियों अथवा/संस्थाओं को छोड़कर) बांग्ला देश/पाकिस्तान की राष्ट्रीयता वाले व्यक्तियों/स्वामित्व की संस्थाओं द्वारा खाते खोलने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की अनुमति अपेक्षित है।
 
विदेशी मुद्रा अनिवासी खाते (एफसीएनआर)
यह खाता अमरीकी डालर, स्टर्लिंग, डी. मार्क, जापानी येन और यूरो में मीयादी जमा राशि के रूप में खोले जा सकते हैं । इसमें मुद्रा विनिमय की कोई हानि नहीं होती क्योंकि ब्याज व मूल राशि जमा की मुद्रा में स्वतंत्र रूप से प्रत्यावर्तनीय है।
 
खाते में जमाराशि विदेश से राशि भेजकर अथवा वर्तमान एनआरई खातों में रखी जमाराशियों द्वारा अथवा भारत में यात्रा के दौरान लाई गई विदेशी मुद्रा को जमा करके की जा सकती है । ये खाते अन्य अनिवासी भारतीयों के साथ संयुक्त रूप में खोले जा सकते हैं । भारत में और विदेश में यह सुविधा उपलब्ध है । इसकी अवधि 6 माह से 3 वर्ष तक की हो सकती है । ग्राहकों के अनुरोध पर ब्याज का भुगतान परिपक्वता होने पर अथवा अर्ध-वार्षिक अंतरालों पर किया जा सकता है । नामांकन सुविधा उपलब्ध है । विभिन्न अनिवासी भारतीयों के बीच किसी भी प्रयोजन के लिए जमाराशि मुक्त रूप से अंतरित की जा सकती है । एफसीएनआर खातों से निर्यात भुगतान भी किया जा सकता है । वायदा संविदा की सुविधा भी उपलब्ध है ।
 
कर लाभ
इन खातों पर अर्जित ब्याज की राशि भारत में आयकर से छूट प्राप्त है ।
 

निवासी विदेशीमुद्रा खाते (आरएफसी)

ऐसे अनिवासी भारतीय जो विदेश में एक वर्ष तक लगातार रहने के बाद भारत लौट आए हैं वे उक्त खाते खोल सकते हैं । यह खाता किसी भी अनुमत्य विदेशी मुद्रा में खोला जा सकता है । अन्य पात्र व्यक्तियों के साथ संयुक्त खाता खोला जा सकता है । यह खाता बचत चालू अथवा मीयादी जमा के रूप में खोला जा सकता है ।
 
एनआरई/एफसीएनआर खातों की शेष राशि आरएफसी खाते में अंतरित की जा सकती है (पूर्ववर्ती, द्विपक्षीय समूह देशों के एनआरई रुपया खातों के अतिरिक्त) खातों की शेष राशि बिना किसी पूर्व अनुमति के विदेशों में सदभाव पूर्ण प्रेषण के लिए प्रयोग की जा सकती है । अनिवासी भारतीय के रूप में प्राप्त की गई पात्र आस्तियों की निधियां इसमें जमा की जा सकती हैं जिसमें जमाराशियां, भारत के बाहर निवेश, पेंशन, ग्रेच्युटी इत्यादि जैसे रोजगार के लाभ शामिल हैं । निवासी भारतीय के अनिवासी होने पर आरएफसी खातों की शेष राशि एफसीएनआर/एनआरई खातों में परिवर्तनीय है ।